Friday, April 16, 2010

Shayari

इस दिल की तड़प कोई ना जाने,

हम उनको ज़ालिम कैसे माने,

लोग कहते है कि वो बहुत दूर है हमसे,

कमबख्त दिल ये माने भी तो कैसे माने |

Friday, April 2, 2010

MY FIRST SHAYARIES

रात बीत जाएगी दिन ढल जाएगा,

आज नही तो कल कोई मिल जाएगा;

अभी वक़्त है तो हँस ले “प्यारे”,

कल खूब रोना जब ये दिल छिल जाएगा।


हम उन्हे अपने दिल के करीब समझ बैठे,

चाँद को अपना नसीब समझ बैठे;

वो तो था किसी और का ही,

हम जिसे अपना अज़ीज़ समझ बैठे|

MY FIRST YEAR IN COLLEGE

लगता है कल ही की तो बात थी,
TRAIN से आए थे और लंका Gate पहुँचे थे;
और बातों ही बातों मे ,
पता नही FIRST YEAR कहाँ चला गया.

AUTO से फिर उतरे राजपूताना,
जहाँ 5 साल है बिताना;
Room के Size के बारे मे ही बात करते-करते,
पता नही FIRST YEAR कहाँ चला गया.

F7 मे लगाने वाली वो Classes,
O N SINGH, DEBA,AKM जैसे Teachers;
C से डरते-2 यारों,
पता नही FIRST SEM कहाँ चला गया.

2nd SEM के लिए जब लौटे घर से,
सभी के हाथ Lappy से थे सजे;
OMEGLE और ORKUT पर रातों मे,
पता नही FIRST YEAR कहाँ चला गया.

आते हुए सोचा था 2-3 GF बनाएँगे,
पढ़ाई से हटकर अपनी कुछ IMAGE बनाएँगे;
GIRLS का सूखा और SEX RATIO पर बतियाते-बतियाते,
पता नही FIRST YEAR कहाँ चला गया.

अब तो केवल Lappy का ही है सहारा,
पढ़ाई से हमने अब किया किनारा;
यारों COLLEGE मे कदम रखते ही,
पता नही FIRST YEAR कहाँ चला गया


लंका Gate : Main gate of BHU (I’m studying at IT-BHU)
राजपूताना : Hostel of FIRST YEAR
F7 : Class-room of FIRST YEAR computer-science
O N SINGH, DEBA, AKM : Names of some teachers of FIRST YEAR
C : Programming Language
SEM : Semester(6 months study period)
Lappy : Laptop
OMEGLE,ORKUT : Sites most visited by FIRST YEARIDES
GF : Girlfriend