रात बीत जाएगी दिन ढल जाएगा,
आज नही तो कल कोई मिल जाएगा;
अभी वक़्त है तो हँस ले “प्यारे”,
कल खूब रोना जब ये दिल छिल जाएगा।
हम उन्हे अपने दिल के करीब समझ बैठे,
चाँद को अपना नसीब समझ बैठे;
वो तो था किसी और का ही,
हम जिसे अपना अज़ीज़ समझ बैठे|
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