Friday, April 2, 2010

MY FIRST SHAYARIES

रात बीत जाएगी दिन ढल जाएगा,

आज नही तो कल कोई मिल जाएगा;

अभी वक़्त है तो हँस ले “प्यारे”,

कल खूब रोना जब ये दिल छिल जाएगा।


हम उन्हे अपने दिल के करीब समझ बैठे,

चाँद को अपना नसीब समझ बैठे;

वो तो था किसी और का ही,

हम जिसे अपना अज़ीज़ समझ बैठे|

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